ग्रह शांति में वानस्पतिक प्रयोग

ग्रहों की शांति एवं उनके अनुकूल प्रभाव प्राप्त करने के लिए रत्न, उपरत्न, दान एवं वानस्पतिक (जड़ी-बूटी) प्रयोग का विशेष महत्व माना गया है। जो जातक रत्न धारण करने में असमर्थ हों, वे संबंधित ग्रह की जड़, धागा या अन्य वानस्पतिक उपाय अपनाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

विशेष नोट: यदि ग्रह शुभ भाव में स्थित हो तो दशा-अंतर्दशा एवं लग्न राशि के अनुसार संबंधित रत्न धारण करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
ग्रह शांति में वानस्पतिक प्रयोग



☀️ सूर्य ग्रह
दान वस्तुएं: माणिक्य, गेहूं, गुड़, सवत्सा गौ, कमल पुष्प, लाल चंदन, लाल वस्त्र, सोना, तांबा, केसर, मूंगा, दक्षिणा।
औषधि दान: मनसिल, बड़ी इलायची, देवदारु, केसर, शहद, कमल पुष्प, लाल फूल।
धारण: बेल पत्र की जड़, गुलाबी धागा।
दिन: रविवार।
🌙 चंद्र ग्रह
दान वस्तुएं: घी, श्वेत चावल, श्वेत वस्त्र, श्वेत चंदन, श्वेत पुष्प, चांदी, शंख, दही, मोती, कपूर, दक्षिणा।
औषधि दान: पंचगव्य, हाथी का मद, शंखजल, सीप, श्वेत कमल।
धारण: खिरनी की जड़, सफेद धागा।
दिन: सोमवार।
♂️ मंगल ग्रह
दान वस्तुएं: मूंगा, भूमि, मसूर की दाल, लाल वृष, गुड़, लाल चंदन, लाल वस्त्र, लाल पुष्प, स्वर्ण, तांबा, केसर, कस्तूरी, दक्षिणा।
औषधि दान: बेल, चंदन, बला, लाल फूल, इंगुर, इंद्रपुष्पी, मौलसिरी, जटामांसी।
धारण: अनंत की जड़, लाल धागा।
दिन: मंगलवार।
☿️ बुध ग्रह
दान वस्तुएं: कांस्य पात्र, हरित वस्त्र, पन्ना, गजदंत, घी, स्वर्ण, पुष्प, कपूर, फल, षटरस, दक्षिणा।
औषधि दान: गोबर, चंदन, चावल, फल, शहद, सीप, स्वर्ण।
धारण: विधारा की जड़, हरा धागा।
दिन: बुधवार।
♃ गुरु ग्रह
दान वस्तुएं: चने की दाल, पीत वस्त्र, स्वर्ण, घी, पीले पुष्प, पुखराज, हल्दी, पुस्तक, मधु, लवण, शर्करा, भूमि, छत्र, दक्षिणा।
औषधि दान: शहद, बड़ी इलायची, मनसिल।
धारण: नारंगी अथवा केले की जड़, पीला धागा।
दिन: गुरुवार।
♀️ शुक्र ग्रह
दान वस्तुएं: चावल, श्वेत चंदन, श्वेत वस्त्र, श्वेत पुष्प, हीरा, चांदी, घी, स्वर्ण, श्वेत अश्व, दही, श्वेत गौ, दक्षिणा।
औषधि दान: बड़ी इलायची, मनसिल, फल, मूल, केसर।
धारण: सरफोका की जड़, सफेद धागा।
दिन: शुक्रवार।
♄ शनि ग्रह
दान वस्तुएं: माष, तेल, नीलम, तिल, काले वस्त्र, कुलथी, लोहा, काली गाय, जूते, कस्तूरी, दक्षिणा।
औषधि दान: काले तिल, अंजन, लोध, बला, सौंफ, धान की खील।
धारण: बिच्छू की जड़, काला धागा।
दिन: शनिवार।
☊ राहु ग्रह
दान वस्तुएं: माषान्न, कस्तूरी, गोमेद, नील वस्त्र, छुरी, तिल, तेल, लोहा, सूप, कंबल, सप्तधान्य, दक्षिणा।
औषधि दान: लोध्र, कुश, तिल का पत्ता, मुस्ता, हाथी का मदजल, हिरण की नाभि का जल।
धारण: सफेद चंदन की जड़, नीला धागा।
दिन: बुधवार।
☋ केतु ग्रह
दान वस्तुएं: माषान्न, कंबल, वैदूर्य मणि (लहसुनिया), कस्तूरी, तिल, लोहा, बकरा, शस्त्र, सुवर्ण, कृष्ण पुष्प, सप्तधान्य, दक्षिणा।
औषधि दान: लोध्र, कुश, तिल का पत्ता।
धारण: अश्वगंधा की जड़, आसमानी धागा।
दिन: गुरुवार।

🌿 निष्कर्ष: ग्रहों की शांति के लिए रत्नों के साथ-साथ वानस्पतिक उपाय, दान और संबंधित जड़ों का धारण करना भी प्राचीन ज्योतिष में अत्यंत प्रभावी माना गया है। उचित विधि एवं योग्य ज्योतिषीय परामर्श के साथ किए गए ये उपाय शुभ फल प्रदान करते हैं।


पंडित के एन पाण्डेय (कौशल) ज्योतिष सलाहकार