चंद्र ग्रहण 2026 :- पंडित कौशल पाण्डेय
जानिए किस राशि में लगने जा रहा है चंद्र ग्रहण कौन कौन सी राशियाँ रहेगी प्रभावित
2 मार्च को सायं 5:57 से प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ होगी
3 मार्च को पूर्णिमा तिथि का समापन सायं 5:27 पर हो रहा है
चंद्र ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र में चन्द्रमा को मन का कारक माना जाता है साथ ही समस्त जीव जंतु के साथ पर्यावरण पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव अवश्य पड़ता है।
मंगलवार 03 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:48 बजे समाप्त होगा
चंद्र ग्रहण आज के दिन सिंह राशि में लगेगा, चन्द्रमा सिंह राशि में रहेंगे, जहां पहले से छाया ग्रह केतु विराजमान हैं. दोनों की युति और चंद्र ग्रहण का प्रभाव कुछ राशि वालों पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इस दौरान इन जातकों को सभी कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी और किसी भी तरह की यात्राएं करने से बचना चाहिए.
चंद्र ग्रहण होने से होलिका दहन 2 मार्च को एक दिन पहले ही करना शुभ रहेगा.
वहीं 3 मार्च को ग्रहण समाप्ति के बाद होलिका दहन कर सकते हैं.
इस प्रकार, रंगों का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा.
भारत में चंद्रग्रहण
भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:20 मिनट पर ग्रहण प्रारंभ हो जाएगा और शाम में 6:47 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. वहीं, दिल्ली में चंद्रोदय शाम में 6:22 मिनट पर होगा, जिसके बाद ही ग्रहण भारत के शहरों में दिखाई देगा. ऐसे में भारत में चंद्रग्रहण की कुल अवधि 25 मिनट की ही रहेगी. बता दें कि भारत के बाकी शहरों में चंद्रोदय के समय के अनुसार, ग्रहण दिखने की अवधि अलग-अलग हो सकती है.
लेकिन, दिल्ली में चंद्रोदय के अनुसार, महज 25 मिनट ही ग्रहण दिखाई देगा.
पूर्वी उत्तर राज्यों में ग्रहण दिखने की अवधि करीब 59 मिनट की होगी.
चंद्र ग्रहण का सूतक
भारत में सूतक:- प्रातः 06:20 बजे इसका सूतक प्रारम्भ हो जाएगा सूतक काल का समापन सायं 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।
चंद्र ग्रहण की परिस्थितियां (भारतीय मानक समय)
उपच्छाया प्रवेश दोपहर 02:13,
ग्रहण प्रारम्भ (स्पर्श): दोपहर 03:20,
पूर्णता प्रारम्भ :- सायं 04:34, ग्रहण र्श)
मध्य :- सायं 05:05,
पूर्णता समाप्त : सायं 05:33,
ग्रहण समाप्त (मोक्ष) :- सायं 06:48,
उपच्छाया अन्त : सायं 07:55,
ग्रहण ग्रासमान (परिमाण) :- 1.155,
ग्रहण की अवधि:- 03 घंटे 28 मिनट,
पूर्णता की अवधि :- 59 मिनट
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
चंद्रग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र तथा सिंह राशि में हो रहा है, अतः इस नक्षत्र एवं राशि के जातकों को ग्रस्तोदय ग्रहण का विशेष रूप से अशुभ एवं कष्टकारी होगा. जिस राशि के लिए ग्रहण का फल अशुभ कहा गया है, उसे यथाशक्ति जप-पाठ, ग्रह-राशि (चन्द्रमा एवं राशिस्वामी सूर्य की) एवं दानादि द्वारा अशुभ प्रभाव को क्षीण किया जाता है. इसके अतिरिक्त ग्रहण उपरान्त औषधि स्रान करने से भी अनिष्ट की शान्ति होती है. जिस राशि में ग्रहण होता है उस राशि वाले को उपाय अवश्य करना चाहिए.
मेष राशि - व्यय की अधिकता, व्यर्थ परिश्रम
वृष राशि- कार्यसिद्ध, धनलाभ
मिथुन राशि- प्रगति, उत्साह, पुरुषार्थ-वृद्धि
कर्क राशि - धन हानि, अपव्यय से कष्ट
सिंह राशि - शरीर को कष्ट, चोट भय, धन हानि
कन्या राशि - धन हानि, कष्ट
तुला राशि - धन एवं सुखलाभ
वृश्चिक राशि - रोग, कष्ट, चिन्ता, भय, संघर्ष
धनु राशि- सन्तान सम्बन्धी चिन्ता
मकर राशि- शत्रु व दुर्घटना का भय, व्यय की अधिकता
कुम्भ राशि- जीवनसाथी को कष्ट
मीन राशि - रोग, गुप्त चिंता, कार्य में विलम्ब
प्राकृतिक आपदाओं की भी आशंका
चंद्र ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है. इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत मिल रहे हैं. प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम ही होने की संभावना है. फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार. व्यापार में तेजी आएगी. बीमारियों में कमी आएगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आय में इजाफा होगा. वायुयान दुर्घटना होने की संभावना है, पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे. सत्ता संगठन में बदलाव होंगे. पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा. आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है.
#होलिका दहन
2 मार्च 2026 को सायं 7 से 9 बजे तक प्रदोष काल में होलिका दहन किया जायेगा
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