जानिए वर्ष 2026 में पंचक कब से कब तक है
हिंदू धर्म में मुहूर्त देखकर ही शुभ काम किए जाते हैं, मान्यता है अशुभ मुहूर्त में किए गए काम अच्छा परिणाम नहीं देते.
शुभ कार्य करने से पहले पंचक पर जरुर विचार किया जाता है.
पंचक चंद्रमा की स्थिति पर आधारित एक गणना है। गोचर के दौरान जब कुंभ राशि से मीन राशि तक रहता है तब इसे पंचक कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा पांच नक्षत्रों में से गुजरता है। नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है।
धनिष्ठा नक्षत्र का उत्तरार्ध, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र ये पांच नक्षत्र पंचक कहलाते है।
इस अवसर में कोई भी शुभ कार्य करना मना होता है ।
पंचक के दौरान घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है.
पंचक के समय चारपाई बनवाना अच्छा नहीं माना जाता. कहते हैं ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है. ये हानिकारक माना गया है.
माह पंचक आरंभ पंचक समाप्त प्रकार
जनवरी 21 जन, 01:35 AM 25 जन, 01:35 PM मिश्रित
फरवरी 17 फर, 09:05 AM 21 फर, 07:07 PM 🔥 अग्नि पंचक
मार्च 16 मार्च, 06:14 PM 21 मार्च, 02:27 AM 👑 राज पंचक
अप्रैल 13 अप्रै, 03:44 AM 17 अप्रै, 12:02 PM 👑 राज पंचक
मई 10 मई, 12:12 PM 14 मई, 10:34 PM 🤒 रोग पंचक
जून 6 जून, 07:03 PM 11 जून, 08:16 AM 💀 मृत्यु पंचक
जुलाई 4 जुलाई, 12:48 AM 8 जुलाई, 04:00 PM 💀 मृत्यु पंचक
जुला/अगस्त 31 जुलाई, 06:38 AM 4 अगस्त, 09:54 PM 🚫 चोर पंचक
अगस्त 27 अगस्त, 01:35 PM 1 सितं, 03:23 AM मिश्रित
सितंबर 23 सितं, 09:57 PM 28 सितं, 10:16 AM मिश्रित
अक्टूबर 21 अक्टू, 07:00 AM 25 अक्टू, 07:22 PM मिश्रित
नवंबर 17 नवं, 03:30 PM 22 नवं, 05:54 AM 🔥 अग्नि पंचक
दिसंबर 14 दिसं, 10:35 PM 19 दिसं, 03:58 PM 👑 राज पंचक
पंचक के प्रकार और उनके प्रभाव
पंचक की प्रकृति उस दिन पर निर्भर करती है जिस दिन वह शुरू होता है।समय और कैलेंडर
🤒 रोग पंचक (रविवार)
रविवार को शुरू होता है। यह शारीरिक और मानसिक तनाव का कारण बनता है। शुभ कार्यों से बचें।
👑 राज पंचक (सोमवार)
सोमवार को शुरू होता है। इसे शुभ माना जाता है। संपत्ति और सरकारी कार्यों के लिए उत्तम है।
🔥 अग्नि पंचक (मंगलवार)
मंगलवार को शुरू होता है। इसमें आग का खतरा रहता है। निर्माण कार्य से बचें, लेकिन कानूनी मामलों के लिए ठीक है।
💀 मृत्यु पंचक (शनिवार)
शनिवार को शुरू होता है। इसे सबसे संवेदनशील माना जाता है। जोखिम भरे कार्यों या नई शुरुआत से बचें।
अधिक जानकारी के लिए मिले अथवा संपर्क करे
पंडित कौशल पाण्डेय (ज्योतिष,वास्तु,राशि रत्न सलाहकार)
+919968550003

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